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समर्पण जिनके चिन्तन से सांख्य (तत्त्वविचार) को समय के अनुरूप जीवन्त दिशा मिली, योग को जिन्होंने युगानुकूल जीवन विद्या के रूप में प्रतिष्ठित किया, अपनी सूक्ष्म-वेधक दृष्टि से जिन्होंने जीवन और जीवन सूत्रों का दर्शन किया और इस प्रत्यक्ष अनुभूति के आधार पर जन-जीवन को अभिनव दिशा प्रदान की ऐसे ऋषियुग्म के श्रीचरणों में, उन्हीं के अनुग्रह से प्रकाशित सांख्य और योगदर्शन का यह नवीन संस्करण श्रद्धा सहित ...आगे पढ़ें... 

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> GURUDHAM Please contact our Jodhpur Gurudham to place orders for Books, Sadhana Articles, ... pawan dixit द्वारा 15 जनवरी, 2009 2:30:00 PM IST पर पोस्टेड
श्रद्धा - सिद्धि की कुंजी
> एक बार एक ऋषि समुद्र के किनारे खड़े सूरज की भव्यता देख रहे थे। वे एक पेड़ के नीचे शांत वातावरण ... pawan dixit द्वारा 10 जनवरी, 2009 3:28:00 PM IST पर पोस्टेड
गुरु पादुका स्तवन
> ॐ नमो गुरुभ्यो गुरुपादुकाभ्यो नमः परेभ्यः परपादुकाभ्यः । आचार्य सिद्धेश्वर पादुकाभ्यो नमो नमः ... pawan dixit द्वारा 5 जनवरी, 2009 3:57:00 PM IST पर पोस्टेड
जब आध्यात्मिक अनुभूति के पथ पर अग्रसर होता है
मनुष्य जब आध्यात्मिक अनुभूति के पथ पर अग्रसर होता है, तब उसका आगे बढ़ने का रास्ता छह क्रमों में ... pawan dixit द्वारा 17 अक्टूबर, 2008 2:24:00 PM IST पर पोस्टेड